बिहार में मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह निबंधन) (Marriage Registration)बनवाने की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:





1. पात्रता (Eligibility)

  • उम्र: दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष और दुल्हन की 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • स्थान: शादी बिहार में हुई हो या पति/पत्नी में से कोई एक बिहार का निवासी हो।
  • गवाह: आवेदन के समय 2 गवाहों का होना अनिवार्य है।

2. आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

आवेदन करने से पहले इन कागजातों को स्कैन करके रख लें:

  • पहचान पत्र: पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड।
  • आयु प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट।
  • निवास प्रमाण: वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड या बिजली का बिल।
  • शादी का सबूत: शादी का निमंत्रण कार्ड (Wedding Card) और शादी की फोटो।
  • फोटो: पति-पत्नी की अलग-अलग पासपोर्ट साइज फोटो और एक साथ खींची गई फोटो (Joint Photo)।
  • गवाहों के दस्तावेज: दो गवाहों के आधार कार्ड और उनकी फोटो।

3. आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step)

  1. वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले enibandhan.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. रजिस्ट्रेशन: 'User Registration' पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं (मोबाइल नंबर और ईमेल की जरूरत होगी)।
  3. लॉगिन करें: यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।
  4. फॉर्म भरें: 'Marriage Registration' के विकल्प को चुनें और 'New Application' पर क्लिक करें। यहाँ दूल्हा, दुल्हन और गवाहों की सारी जानकारी सही-सही भरें।
  5. दस्तावेज अपलोड करें: ऊपर बताए गए सभी दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।
  6. शुल्क भुगतान: निबंधन शुल्क (Fees) का ऑनलाइन भुगतान करें। (सरकारी फीस लगभग ₹100 से ₹500 के बीच होती है)।
  7. अपॉइंटमेंट: अपनी सुविधा के अनुसार वह तारीख चुनें जब आप रजिस्ट्री ऑफिस (Sub-Registrar Office) जा सकते हैं।

4. ऑफिस वेरिफिकेशन (अंतिम चरण)

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद आपको चुनी हुई तारीख पर पति-पत्नी और दोनों गवाहों के साथ अपने नजदीकी निबंधन कार्यालय (Registry Office) जाना होगा।

  • अपने साथ सभी ऑरिजिनल दस्तावेज जरूर ले जाएं।
  • वहां अधिकारियों द्वारा वेरिफिकेशन और फोटो होने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन सफल हो जाएगा।

5. सर्टिफिकेट डाउनलोड करना

वेरिफिकेशन सफल होने के कुछ दिनों बाद (अक्सर 7-15 दिन), आप उसी वेबसाइट पर लॉगिन करके अपना डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण नोट: यदि शादी को काफी समय हो गया है (जैसे 1 साल से ज्यादा), तो आपको कुछ अतिरिक्त जुर्माना या शपथ पत्र (Affidavit) देना पड़ सकता है।

मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज (Legal Document) है। इसका उपयोग कई जगहों पर किया जाता है, जिनमें से मुख्य नीचे दिए गए हैं:

1. सरकारी और कानूनी कार्यों में
पासपोर्ट बनवाने के लिए: यदि आप शादी के बाद पासपोर्ट बनवाते हैं या पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो यह अनिवार्य है।
वीजा (Visa) के लिए: विदेश यात्रा या दूसरे देश में सेटल होने (Spouse Visa) के लिए मैरिज सर्टिफिकेट सबसे जरूरी दस्तावेज होता है।
सरनेम बदलने के लिए: यदि पत्नी शादी के बाद अपना सरनेम (Surname) बदलना चाहती है, तो पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों में बदलाव के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।

2. बैंकिंग और इंश्योरेंस (Banking & Insurance)
जॉइंट अकाउंट: बैंक में पति-पत्नी के नाम से जॉइंट अकाउंट खुलवाने के लिए।
नॉमिनी (Nominee): इंश्योरेंस पॉलिसी, एफडी (FD) या पीएफ (PF) में पति या पत्नी को नॉमिनी बनाने या क्लेम लेने के लिए यह पक्के सबूत का काम करता है।

3. संपत्ति और विरासत (Property & Inheritance)
प्रॉपर्टी ट्रांसफर: पति या पत्नी की मृत्यु के बाद संपत्ति को कानूनी उत्तराधिकारी के नाम ट्रांसफर करने के लिए।
जॉइंट प्रॉपर्टी: साथ में मिलकर घर या जमीन खरीदने के लिए।

4. अन्य लाभ
फैमिली पेंशन: सरकारी नौकरियों में रिटायरमेंट के बाद फैमिली पेंशन शुरू करवाने के लिए।
तलाक या गुजारा भत्ता: किसी भी कानूनी विवाद (जैसे तलाक या कस्टडी) की स्थिति में शादी को साबित करने के लिए यह प्राथमिक दस्तावेज है।
बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र: कभी-कभी बच्चों के स्कूल एडमिशन या बर्थ सर्टिफिकेट की प्रक्रियाओं में भी इसकी मांग की जा सकती है।

संक्षेप में: यह सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि आपकी शादी का एकमात्र कानूनी प्रमाण है जो भविष्य में आने वाली कई कागजी जटिलताओं से बचाता है।

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