बिहार में जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र (Caste, Income, and Residence Certificates) बनवाने के नियमों में जो बड़े बदलाव किए गए हैं, उनका पूरा विवरण (Full Information) नीचे दिया गया है:
1. मुख्य बदलाव: अब सिर्फ आधार कार्ड काफी नहीं
अब तक बिहार में इन प्रमाण पत्रों के लिए आधार कार्ड को प्राथमिक दस्तावेज माना जाता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत:
- आधार के साथ अतिरिक्त दस्तावेज: केवल आधार कार्ड के आधार पर अब प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। आवेदकों को अब भूमि या राजस्व से जुड़े रिकॉर्ड देने होंगे।
- पारदर्शिता और सुरक्षा: यह बदलाव बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत किया गया है ताकि फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाने वालों पर रोक लगाई जा सके।
2. कौन से नए दस्तावेज जरूरी होंगे?
आवेदन करते समय अब आपको यह बताना होगा कि आपके पास निम्नलिखित में से कौन सा दस्तावेज उपलब्ध है:
- खतियान: परिवार के नाम पर दर्ज पुश्तैनी जमीन का रिकॉर्ड।
- दान पत्र: यदि जमीन दान में मिली हो।
- भूमि दस्तावेज: जमीन की रजिस्ट्री के कागजात या लगान रसीद।
- आवास आवंटन पत्र: यदि आप भूमिहीन हैं और सरकार द्वारा जमीन आवंटित की गई है।
3. आवेदन फॉर्म में नई अनिवार्य जानकारियां
अब RTPS (Right to Public Service) पोर्टल पर आवेदन करते समय इन विवरणों को भरना अनिवार्य कर दिया गया है:
- स्वयं का नाम, माता और पिता का नाम।
- वैवाहिक स्थिति: यदि आवेदक विवाहित है, तो पति या पत्नी का नाम देना जरूरी होगा।
- दस्तावेजों का चयन: आपको फॉर्म में विकल्प चुनना होगा कि आप कौन सा राजस्व रिकॉर्ड (जैसे खतियान या रसीद) संलग्न कर रहे हैं।
4. जिनके पास जमीन के कागजात नहीं हैं, उनके लिए विकल्प (Sthal Nirikshan)
सरकार ने उन लोगों के लिए एक विशेष प्रावधान रखा है जिनके पास अपनी जमीन के कागजात या खतियान उपलब्ध नहीं हैं (जैसे किराएदार या भूमिहीन):
- स्थल निरीक्षण का चुनाव: आवेदन के दौरान यदि आपके पास राजस्व रिकॉर्ड नहीं है, तो आप "स्थल निरीक्षण" (Site Inspection) का विकल्प चुन सकते हैं।
- जांच प्रक्रिया: इस विकल्प को चुनने पर संबंधित राजस्व अधिकारी (जैसे हल्का कर्मचारी या अंचल अधिकारी) आपके पते पर आकर भौतिक जांच करेंगे।
- प्रमाण पत्र जारी होना: अधिकारी की जांच रिपोर्ट और संतुष्टि के बाद ही आपका प्रमाण पत्र पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा।
5. यह नियम क्यों बदले गए?
- फर्जीवाड़े पर रोक: अक्सर लोग गलत तरीके से जाति या निवास का लाभ लेने के लिए फर्जी पते का उपयोग करते थे, जिसे अब भूमि रिकॉर्ड से जोड़कर रोका जाएगा।
- वास्तविक लाभार्थी: यह सुनिश्चित करना कि छात्रवृत्ति, आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ केवल बिहार के वास्तविक निवासियों और सही पात्रों को मिले।
आवेदन कैसे करें?
आप बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल ServicePlus (RTPS Bihar) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने नजदीकी ब्लॉक (अंचल कार्यालय) के RTPS काउंटर पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
नोट: आवेदन करने से पहले अपने परिवार के पुराने खतियान या जमीन की रसीद की एक स्कैन कॉपी साथ रखें ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।
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